महाराष्ट्र

बैंक-अटैच्ड प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर फिल्म राइटर से 2.20 करोड़ की ठगी

Kavita2
25 Aug 2026 11:29 AM IST
बैंक-अटैच्ड प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर फिल्म राइटर से 2.20 करोड़ की ठगी
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मुंबई। मुंबई के कुरार पुलिस थाने में एक महिला के खिलाफ फिल्म राइटर और उनके दिवंगत पति से कथित तौर पर 2.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि महिला ने बैंक-अटैच्ड और नीलामी वाली संपत्तियां कम कीमत पर दिलाने का भरोसा देकर दंपती से रकम ली। शिकायत के मुताबिक, इस पूरे मामले में फ्लैट, कार और फार्महाउस से जुड़े सौदों का लालच दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, मामले में शिकायतकर्ता 42 वर्षीय फिल्म राइटर मल्लिका घरडे हैं, जो मलाड ईस्ट में रहती हैं। कथित धोखाधड़ी की आरोपी महिला की पहचान गीता यादव के रूप में हुई है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जुहू में फ्लैट खरीदने की तलाश से शुरू हुई कहानी

FIR के मुताबिक, वर्ष 2023 में मल्लिका घरडे जुहू इलाके में एक फ्लैट खरीदना चाहती थीं। इसी दौरान उनके दिवंगत पति दत्ता घरडे की मुलाकात गीता यादव से हुई। बताया गया है कि यादव कथित तौर पर एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करती थीं।

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यादव ने दंपती को बताया कि रियल एस्टेट क्षेत्र में उनके कई संपर्क हैं और बैंकों तथा प्रॉपर्टी कंपनियों के अधिकारियों से भी उनके अच्छे संबंध हैं। उन्होंने दावा किया कि इन संपर्कों की मदद से वह बैंक द्वारा जब्त या नीलाम की जाने वाली संपत्तियां बाजार कीमत से काफी कम दाम पर उपलब्ध करा सकती हैं।

दंपती को यह प्रस्ताव आकर्षक लगा। इसके बाद कथित तौर पर यादव ने उन्हें अलग-अलग संपत्तियों से संबंधित सौदों का भरोसा देना शुरू किया।

कम कीमत पर प्रॉपर्टी दिलाने का दावा

शिकायत के अनुसार, यादव ने दंपती को समझाया कि बैंक से जुड़ी या नीलामी वाली संपत्तियां सामान्य बाजार कीमत की तुलना में कम कीमत पर खरीदी जा सकती हैं। उन्होंने कथित तौर पर ऐसी संपत्तियां उपलब्ध कराने की बात कही, जिनमें फ्लैट के अलावा अन्य संपत्तियां भी शामिल थीं।

शुरुआत में बातचीत जुहू में फ्लैट खरीदने को लेकर हुई थी। बाद में कथित तौर पर कार और फार्महाउस से जुड़े सौदों की भी बात सामने आई। पुलिस शिकायत के मुताबिक, इन अलग-अलग सौदों के लिए दंपती से रकम ली गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि यादव ने भरोसा दिलाया कि भुगतान के बाद संबंधित संपत्तियों की खरीद की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी और उन्हें वैध दस्तावेजों के साथ संपत्ति का कब्जा मिल जाएगा।

2.20 करोड़ रुपये देने का आरोप

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, दंपती ने अलग-अलग समय पर कथित तौर पर कुल 2.20 करोड़ रुपये दिए। यह रकम फ्लैट, कार और फार्महाउस से जुड़े सौदों के लिए दी गई थी।

हालांकि, शिकायतकर्ता के मुताबिक, रकम लेने के बाद कथित तौर पर सौदे पूरे नहीं हुए। जब दंपती ने संपत्तियों के दस्तावेज और खरीद की प्रक्रिया को लेकर सवाल करना शुरू किया तो कथित तौर पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

समय बीतने के साथ दंपती को कथित तौर पर यह एहसास हुआ कि जिस संपत्ति सौदे के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे, वह आगे नहीं बढ़ रहा है। इसके बाद उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की।

पति की मौत के बाद भी जारी रहा विवाद

इस मामले में शिकायतकर्ता के पति दत्ता घरडे का भी जिक्र FIR में है। शुरुआत में कथित तौर पर यादव से संपर्क और संपत्तियों को लेकर बातचीत उन्हीं के माध्यम से हुई थी। बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

पति के निधन के बाद मल्लिका घरडे ने कथित लेनदेन और रकम की वापसी को लेकर यादव से संपर्क जारी रखा। शिकायत के मुताबिक, उन्हें संपत्तियों से संबंधित सौदों के पूरा होने या पैसे वापस मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शिकायत के आधार पर कुरार पुलिस ने गीता यादव के खिलाफ FIR दर्ज की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब पूरे लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस कथित तौर पर बैंक खातों, पैसों के लेनदेन, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर सकती है।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि यादव ने वास्तव में किसी रियल एस्टेट कंपनी में काम किया था या नहीं और यदि किया था तो उनकी भूमिका क्या थी। इसके अलावा, जिन बैंकों या रियल एस्टेट कंपनियों से संबंध होने का दावा किया गया था, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

दस्तावेज और भुगतान की जांच महत्वपूर्ण

इस तरह के मामलों में कथित भुगतान से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, चैट, कॉल रिकॉर्ड, रसीदें और संपत्ति के दस्तावेज जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि 2.20 करोड़ रुपये की रकम कब, किस खाते में और किस उद्देश्य से ट्रांसफर की गई।

साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि जिन संपत्तियों का वादा किया गया था, वे वास्तव में मौजूद थीं या नहीं और क्या उनके संबंध में कोई बैंक नीलामी या बिक्री प्रक्रिया चल रही थी।

आरोपी का पक्ष सामने आना बाकी

फिलहाल मामले में आरोपी गीता यादव का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। FIR में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि क्या इस कथित धोखाधड़ी में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके आधार पर आगे कार्रवाई कर सकती है।

फिलहाल 2.20 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का यह मामला मुंबई के रियल एस्टेट सौदों में भरोसे के नाम पर होने वाले लेनदेन को लेकर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित रहेगी कि दंपती से ली गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या वास्तव में किसी संपत्ति सौदे की प्रक्रिया शुरू की गई थी या शुरुआत से ही उन्हें कथित तौर पर गलत जानकारी देकर रकम हासिल की गई।

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